बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता और अभिनेता Rakesh Roshan हमेशा अपनी फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं। 75 वर्ष की उम्र में भी वह जिम में समय बिताना, हेल्दी डाइट लेना और अपनी हेल्थ का ध्यान रखना नहीं भूलते। लेकिन हाल ही में उनका स्वास्थ्य एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया था। अगर समय रहते उन्होंने एक साधारण सी जांच नहीं करवाई होती, तो इसका नतीजा खतरनाक हो सकता था।
उनके इस अनुभव ने न केवल उन्हें एक नई जिंदगी दी, बल्कि लाखों लोगों के लिए एक जागरूकता का संदेश भी बन गया। आइए जानते हैं कि क्या हुआ, कैसे हुआ और इससे हम सभी को क्या सीख मिलती है।
क्या हुआ राकेश रोशन के साथ?
कुछ दिन पहले राकेश रोशन एक रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए अस्पताल गए थे। वह कहते हैं कि यह चेकअप उन्होंने केवल इसलिए कराया क्योंकि उम्र के साथ छोटी-छोटी जांचें कराते रहना चाहिए। चेकअप के दौरान डॉक्टर ने हार्ट की जांच के साथ-साथ नेक सोनोग्राफी (Carotid Artery Sonography) कराने की सलाह दी।
रिपोर्ट आने पर जो सामने आया वह चौंकाने वाला था। उनकी दोनों कैरोटिड आर्टरीज़ में 75% से अधिक ब्लॉकेज था।
ये वही आर्टरीज़ होती हैं जो गर्दन से होकर मस्तिष्क तक खून पहुंचाती हैं। अगर इनमें रुकावट हो जाए तो स्ट्रोक (Stroke) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सबसे खतरनाक बात ये थी कि राकेश रोशन को कोई लक्षण (Symptoms) नहीं महसूस हो रहे थे। न चक्कर, न कमजोरी, न बोलने में कठिनाई – सब कुछ सामान्य लग रहा था।
समय रहते लिया गया कदम
जैसे ही रिपोर्ट आई, डॉक्टरों ने तुरंत एक्शन लिया और नेक एंजियोप्लास्टी (Neck Angioplasty) का सुझाव दिया। इस प्रक्रिया में ब्लॉकेज को हटाया गया ताकि मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह सामान्य हो सके।
एंजियोप्लास्टी एक नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया होती है, जिसमें ब्लॉकेज को हटाने के लिए एक स्टेंट डाला जाता है। यह प्रोसीजर सफल रहा और अब राकेश रोशन पूरी तरह स्थिर और स्वस्थ हैं।
उन्होंने अस्पताल से एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा:
“मैं अब घर आ गया हूँ और पूरी तरह ठीक हूं। जल्द ही फिर से वर्कआउट शुरू करने की तैयारी है।”
उनकी बेटी सुनैना रोशन ने भी कंफर्म किया कि स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है और घबराने की कोई बात नहीं है।
राकेश रोशन का संदेश: “Prevention is Better Than Cure”
इस घटना के बाद Rakesh Roshan ने सभी को एक अहम सलाह दी:
“कई बार गंभीर बीमारियों के कोई लक्षण नजर नहीं आते। 45 साल की उम्र के बाद हर किसी को हार्ट CT स्कैन और कैरोटिड आर्टरी सोनोग्राफी करानी चाहिए। ये जांच आपकी जान बचा सकती हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि समय रहते यह जांच करवा ली और एक बड़ा खतरा टल गया।
क्या है कैरोटिड आर्टरी ब्लॉकेज?
कैरोटिड आर्टरी हमारे गले में होती हैं और यह मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाती हैं। इनमें ब्लॉकेज होने पर स्ट्रोक का खतरा होता है।
मुख्य लक्षण हो सकते हैं:
चेहरे या शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन
अचानक बोलने में कठिनाई
चक्कर आना या संतुलन खोना
धुंधली दृष्टि
लेकिन कई मामलों में (जैसे Rakesh Roshan के) कोई लक्षण नहीं दिखाई देते। इसलिए डॉक्टर 45+ उम्र में नियमित जांच की सलाह देते हैं।
फिटनेस और हेल्थ पर Rakesh Roshan का फोकस
राकेश रोशन हमेशा से फिटनेस के प्रति जागरूक रहे हैं। वह हर दिन वर्कआउट करते हैं और हेल्दी डाइट फॉलो करते हैं। फिर भी उम्र के साथ आने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उनका अनुभव बताता है कि सिर्फ हेल्दी लाइफस्टाइल ही नहीं, बल्कि समय-समय पर मेडिकल चेकअप भी जरूरी है।
राकेश रोशन की कहानी हमें सिखाती है कि बीमारी का इंतजार करना समझदारी नहीं है। जब कोई लक्षण न हो तब भी समय पर की गई स्वास्थ्य जांच जीवन बचा सकती है। उन्होंने यह साबित किया कि “रोकथाम इलाज से बेहतर है।”
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य 45 साल या उससे ऊपर है, तो आज ही एक रूटीन हेल्थ चेकअप कराएं। यह कदम आपकी और आपके अपनों की जिंदगी बचा सकता है।
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